भारत में साइबर अपराध अब सबसे तेजी से बढ़ने वाले खतरों में शामिल हो चुका है. हर दिन हजारों लोग ऑनलाइन ठगी का शिकार हो रहे हैं. कभी फर्जी इन्वेसटमेंट के नाम पर पैसा ठगा जाता है. कभी हनी ट्रैप के जरिए ब्लैकमेल किया जाता है. कहीं बच्चों से जुड़े आपत्तिजनक कंटेंट के नेटवर्क चल रहे हैं तो कहीं साइबर स्लेवरी जैसे अपराध सामने आ रहे हैं. मोबाइल पर आया एक लिंक, सोशल मीडिया का एक मैसेज या अनजान कॉल और देखते ही देखते किसी की पूरी कमाई गायब हो जाती है. यही वजह है कि आम नागरिकों के मन में डर बैठ चुका है कि अगला निशाना कहीं वे खुद तो नहीं बनने वाले.लेकिन अब इस डिजिटल अपराध की दुनिया को जवाब देने के लिए भारत ने अपनी नई डिजिटल सेना तैयार कर ली है. देश में इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर यानी I4C के जरिए साइबर ठगों के खिलाफ बड़ी रणनीति बनाई गई है. यहां खास तरह के प्रशिक्षित ‘साइबर कमांडो’ तैयार किए गए हैं, जो साइबर अपराधियों की चाल समझते हैं और तुरंत जवाबी कार्रवाई करते हैं. सबसे बड़ी बात यह है कि अगर कोई साइबर फ्रॉड होता है तो पीड़ित को बस हेल्पलाइन नंबर 1930 डायल करना होता है या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करनी होती है. इसके बाद पूरा सिस्टम तुरंत सक्रिय हो जाता है.
साइबर ठगों आ गए तुम्हारे काल! भारत के ‘साइबर कमांडो’ तैयार, बस डायल करना होगा 1930 और हो जाएगा काम
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