बिहार राज्यसभा चुनाव में महागठबंधन की अप्रत्याशित हार के बाद कांग्रेस के भीतर सियासी घमासान तेज हो गया है। मतदान से अनुपस्थिति को लेकर पार्टी के ही विधायक प्रदेश नेतृत्व पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि विवादों के केंद्र में आए प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने अपने ऊपर लगे आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।जागरण से बातचीत में राजेश राम ने कहा कि हर चीज को रिकॉर्ड करके नहीं रखा जा सकता। जिन विधायकों ने पार्टी और महागठबंधन को नुकसान पहुंचाया, उन्हें अपनी अंतरात्मा की आवाज सुननी चाहिए।उन्होंने विधायकों के इस आरोप को भी गलत बताया कि उनके स्तर पर समन्वय की कमी रही। राम के मुताबिक, विधायकों को कई बार फोन और संदेश भेजे गए, यहां तक कि वे खुद उनके आवास तक पहुंचे, लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी।प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि राजनीति में पद आते-जाते रहते हैं, लेकिन प्रतिष्ठा बड़ी मुश्किल से बनती है। उनके खिलाफ लगाए जा रहे आरोप न केवल निराधार हैं, बल्कि पार्टी की छवि को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं।प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने बताया कि इन तीनों विधायकों के संबंध में पार्टी हाईकमान को रिपोर्ट भेज दी गई है। राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और वरिष्ठ नेता राहुल गांधी को पूरे मामले से अवगत कराते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा की गई है।