
उप-मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा का सख्त अंदाज देखने को मिला. उन्होंने जनता की शिकायतों को सुनते हुए न केवल अधिकारियों को ‘सुधरने’ की चेतावनी दी, बल्कि मंच से ही आमस के सीओ को निलंबित कर दिया. उनके इस एक्शन से अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है. वहीं शिकायतकर्ताओं ने इस कार्रवाई की स्वागत किया है.असल में डिप्टी सीएम के सामने ही आमस अंचल के सीओ अरशद मदनी पर एक आवेदक ने आरोप लगाया था कि बिल्टी मामले में आदेश के बावजूद उन से 25 हजार रुपये रिश्वत लिए गए. रिश्वत की राशि सीओ ने अपने सरकारी अंगरक्षक के माध्यम से लिया है. इसे सुनते ही उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने तत्काल प्रभाव से वरीय पुलिस अधीक्षक गया को आदेश दिया कि बॉडीगार्ड को लाइन हाजिर किया जाए और पूरे मामले की जांच निगरानी से कराई जाए.इसी दौरान शेरघाटी निवासी आवेदक जितेंद्र कुमार भी मंच से चिल्लाकर कहा, ‘सर आपके ये सीओ बड़े करप्ट हैं, हमारा काम भी पिछले 8 महीनों से लटकाए हुए हैं, पैसे की मांग होती है.’ इसके बाद विजय सिन्हा ने उन्हें मंच पर बुलाया और पहले से वहां पर मौजूद एक और आवेदक (जो आमस अंचल के सीओ पर गंभीर आरोप लगा रहे थे) उन दोनों से स्पष्ट रूप से कहा कि सोच समझकर आरोप लगाएं. अगर हमारे पदाधिकारी के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिले तो आपके खिलाफ कार्रवाई होगी और जेल भी भेजा जाएगा, आपको एफिडेविट में आरोप देने होंगे.
